ब्रेकिंग
शहर के विभिन्न वार्डों में विकास कार्यों की सौगात, महापौर ने किया भूमिपूजन उत्तर भारत प्राकृतिक अध्ययन हाईक के लिए दुर्ग से 5 सदस्यीय स्काउटर-गाइडर दल रवाना छत्तीसगढ राज्य की अन्य पिछ़ड़ा वर्ग की केन्द्रीय सूची में अहीर‘‘ के उपरांत ‘‘ रावत‘‘ एवं अंग्रे... जमीन सौदे में बड़ा फर्जीवाड़ा, 25 लाख से अधिक की धोखाधड़ी के आरोप में दो पर FIR विकास कार्यों की सौगात: महापौर ने तीन वार्डों में सड़क, नाली और पुलिया निर्माण कार्यों का किया भूमिप... अब कम होगा ईंधन खर्च! भारत में आया E85 फ्लेक्स फ्यूल, जेब पर पड़ेगा कम बोझ सिर्फ 15 साल की उम्र में टीम इंडिया का टिकट, वैभव सूर्यवंशी ने रचा नया कीर्तिमान केशकाल घाट फोरलेन बायपास निर्माण में ढिलाई पर नाराज हुए अरुण साव, समय पर काम पूरा करने के निर्देश महंगाई भत्ते की मांग को लेकर 10 जून को प्रदर्शन, कर्मचारियों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचने की अपील मंत्री गजेन्द्र यादव से मिलीं महिला मोर्चा की नवनियुक्त पदाधिकारी, जताया आभार
भिलाई

शासकीय भूमि पर फर्जी रजिस्ट्री कर विक्रय करने वाले आरोपी गिरफ्तार

भिलाई  | भिलाई नगर से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां शासकीय भूमि पर कब्जा कर फर्जी रजिस्ट्री पेपर तैयार करने और उसे विक्रय कर पैसे अपने खाते में डलवाने वाले एक आरोपी को दुर्ग पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोपी का नाम कार्तिक शर्मा है, जो शांति नगर दशहरा मैदान, सुपेला, भिलाई का निवासी है। आरोपी की गिरफ्तारी 08 फरवरी 2025 को हुई।

इस मामले की जांच में अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस अधीक्षक दुर्ग, श्री जितेन्द्र शुक्ला के मार्गदर्शन में थाना वैशाली नगर के अपराध क्रमांक 61/2023 में गहरी छानबीन की जा रही है।

मामले का संक्षिप्त विवरण: प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि क्षमा यदू द्वारा दिनांक 21 मार्च 2023 को थाना वैशाली नगर में एक शिकायत दी गई थी, जिसमें बताया गया कि शासकीय भूमि खसरा नंबर 5407/7 को फर्जी दस्तावेजों के जरिए अनावेदक एन. धनराजु और अन्य के द्वारा विक्रय किया गया था। इसके बाद पुलिस ने इस मामले में अपराध पंजीबद्ध कर आरोपियों की तलाश शुरू की।

शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने शासकीय भूमि पर फर्जी रजिस्ट्री कर उसे 10 लाख रुपये में विक्रय किया था, हालांकि इस दौरान कई दस्तावेजों में गलत जानकारी पेश की गई थी।

आरोपी और गिरफ्तारी: आरोपियों में कार्तिक शर्मा सहित अन्य प्रमुख नाम शामिल हैं जिनमें तिलकचंद गोंडाने, खेमचंद उर्फ खेमू डोंगरे, हरिशचंद राठौर, संतोष कुमार साहू, दीपक मानिकपुरी, हेमंत सोनवानी, और अन्य कई लोग शामिल हैं। इन आरोपियों ने मिलकर शासकीय भूमि को फर्जी तरीके से विक्रय किया और अपने खातों में अवैध रूप से पैसा डलवाया।

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी कार्तिक शर्मा को 08 फरवरी 2025 को गिरफ्तार किया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

इस मामले में पुलिस की तत्परता और जांच कार्यवाही के कारण एक और आरोपी पकड़ में आया है, जिससे शासकीय संपत्ति से जुड़ी इस बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Slot Site
Back to top button